Nitin Desai Death: एनडी स्टूडियो से बेदखल होने से पहले दे दी जान, नितिन देसाई के करोड़ों के कर्ज की पूरी कहानी, 17 दिन पहले किए आखिरी पोस्ट में क्या था?

Nitin Desai Death

Nitin Desai Death: आलीशान सेट से भरा नितिन देसाई का इंस्टा अकाउंट, 17 दिन पहले किए आखिरी पोस्ट में क्या था?

मशहूर आर्ट डायरेक्टर नितिन देसाई ने सुसाइड कर अपनी जान दी. उनके आत्महत्या करने की वजह पैसों की तंगी बताई जा रही है. नितिन कई बड़ी फिल्मों के सेट डिजाइ

नितिन देसाई पर ₹250 करोड़ का कर्ज था:स्टूडियो बंद हो सकता था; पुलिस को मोबाइल से मिली ऑडियो क्लिप में 4 लोगों का जिक्र

अपनी कालजयी फिल्मों के लिए चार बार सर्वश्रेष्ठ कला निर्देशन का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार प्राप्त कर चुके नितिन चंद्रकांत देसाई का असमय निधन हिंदी सिनेमा की दशा और दुर्दशा दोनों की तरफ एक बहुत दुखद संकेत है । दिखावे की जिंदगी में मस्त रहने वाले हिंदी सिनेमा के तमाम फिल्मकारों और उनकी कंपनियों का ये कड़वा सच है और ये भी सच है कि बेइंतहा कर्ज में डूबने के चलते ही नितिन देसाई कई हफ्तों से मानसिक रूप से परेशान चल रहे थे । अपनी जान लेने का उनका फैसला भी इसी की परिणीति माना जा रहा है ।

गोविंद निहलानी के धारावाहिक ‘ तमस ’ में जुड़कर ऐतिहासिक कहानियों को फिल्माने की बारीकियां सीखने वाले नितिन देसाई ने धारावाहिक ‘ चाणक्य ’ में कला निर्देशन का काम बीच से पकड़ा था । हिंदी सिनेमा के दर्शकों को उनका काम पहले पहल विधु विनोद चोपड़ा की फिल्म ‘ 1942 ए लव स्टोरी ’ में भाया । इसके बाद ‘ लगान ’, ‘ स्वदेस ’ और ‘ देवदास ’ जैसी फिल्मों ने उनकी समय के हिसाब से सेट्स बनाने की कला का नाम देश दुनिया में मशहूर कर दिया । हॉलीवुड फिल्म ‘ स्लमडॉग मिलिनेयर ’ की मुंबई में हुई शूटिंग के लिए केबीसी के सेट भी उन्होंने ही बनाए थे ।

बॉलीवुड के जाने-माने आर्ट डायरेक्टर नितिन देसाई ने बुधवार तड़के खुदकुशी कर ली। भास्कर को सोर्सेज ने बताया कि नितिन पर करीब 250 करोड़ रुपए का कर्ज था। उनकी कंपनी एन डी स्टूडियो काफी कर्जे में थी। नितिन ने एक कंपनी से 180 करोड़ रुपए कर्ज लिया था।

ब्याज मिलाकर कर्ज की रकम 250 करोड़ रुपए हो चुकी थी। कंपनी ने वसूली के लिए कानूनी कदम उठाए थे। कंपनी ने वहां के जिलाधिकारी को भी स्टूडियो जब्त करने का प्रस्ताव दिया था। एन डी स्टूडियो के सील होने की भी आशंका बनी हुई थी। दूसरी तरफ नितिन के फोन से पुलिस को एक ऑडियो क्लिप मिली है, जिसमें चार लोगों का जिक्र है।

नितिन देसाई ने दो बार में लिया था लोन
नितिन की कंपनी एन डी आर्ट्स वर्ल्ड प्राइवेट लिमिटेड ने ईसीएल कंपनी के जरिए 185 करोड़ का लोन दो बार में लिया था। पहला 2016 में जबकि 2018 में दूसरा लोन लिया था। 2020 में जब लोन चुकाने की बात आई तो सारी समस्या शुरू हुई।

पुलिस ने कहा- सुबह 9 बजे रस्सी से लटका मिला शव
पुलिस का कहना है कि सुबह तकरीबन 9 बजे नितिन देसाई का शव रस्सी से लटका हुआ मिला था। घटना के तुरंत बाद डॉग स्कॉट की टीम वहां पहुंच गई। पुलिस का कहना है वे हर एंगल से इस केस की जांच कर रहे हैं।

पुलिस को नितिन की ऑडियो क्लिप मिली
पुलिस को नितिन के मोबाइल से एक ऑडियो क्लिप मिली है, जिसमें 4 लोगो का जिक्र है। पुलिस को शक है कि इन्हीं के दबाव से नितिन देसाई ने सुसाइड की। जल्द ही उनका बयान दर्ज किया जाएगा।

Remembering the Legacy of Nitin Desai: A Visionary Leader’s Enduring Impact

Early Life and Education:

Nitin Desai was born on [birthdate] in Mumbai, India. From a young age, it was evident that he possessed a curious and inquisitive mind. He pursued his education with dedication, earning a degree in [subject] from [university] and later, a master’s in [field] from [institution]. But Desai’s passion for learning did not stop there; he continued to immerse himself in diverse fields and explored the intersectionality between economics, environmental sustainability, and social justice.

Nitin Desai: The Visionary Leader:

Desai’s journey as a visionary leader began when he joined the Indian Administrative Service (IAS) in [year]. Throughout his illustrious career, he served in various key positions both within India and on the international stage. One of his most notable contributions was as the Under-Secretary-General for Economic and Social Affairs at the United Nations. In this capacity, Desai played a pivotal role in shaping global policies on sustainable development, poverty alleviation, and climate change.

His relentless pursuit of a fair and equitable world made him a respected figure among his peers. He believed in the power of dialogue and cooperation, and his diplomatic skills earned him admiration from leaders across the globe. Beyond his accomplishments in the political arena, Desai’s intellect and foresight enabled him to be a prominent voice in academia, contributing to numerous research papers, books, and lectures.

Advocacy for Sustainable Development:

Nitin Desai was a staunch advocate for sustainable development. His unwavering commitment to environmental protection and social inclusivity made him a true pioneer in the fight against climate change. Desai firmly believed that sustainable development was not just a responsibility, but an opportunity for humanity to thrive together while safeguarding the planet.

His involvement in international conferences, such as the Earth Summit in Rio de Janeiro in 1992, and his role in drafting the Millennium Development Goals exemplified his dedication to creating a better world for generations to come.

Leaving a Legacy:

As we mourn the loss of this exceptional leader, it is essential to recognize the lasting impact Nitin Desai has left behind. His ideas, initiatives, and policy frameworks continue to guide us in addressing some of the most pressing challenges of our time. Desai’s belief in the power of multilateralism and collaboration serves as a guiding principle for the current and future leaders to build a more inclusive and sustainable world.

Conclusion:

The passing of Nitin Desai marks the end of an era, but his influence will forever resonate in the hearts and minds of those who had the privilege of working with him or were inspired by his visionary ideas. His dedication to global causes, unwavering commitment to sustainability, and tireless efforts to promote a fairer world will remain a beacon of hope for generations to come. As we bid farewell to this remarkable leader, let us remember and celebrate his life, his legacy, and the seeds of change he planted that continue to grow even in his absence. Rest in peace, Nitin Desai.

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